शिया-सुन्नी एकता तोड़ने की साज़िशों से रहें होशियार : मौलाना सै कल्बे जवाद
दिल्ली से आया बड़ा पैग़ाम, क़ौम को किया गया सतर्क
मौलाना डॉ. सैयद कल्बे जवाद नक़वी बोले, शिया-सुन्नी एकता तोड़ने की साज़िशों से रहें होशियार
कलम हिन्दुस्तानी : पत्रकार मौहम्मद मोहसिन
नई दिल्ली। देश की सुप्रीम रिलीजियस अथॉरिटी आफ़ताब ए शरीयत मौलाना डाॅ सैयद कल्बे जवाद नकवी ने मौजूदा हालात को देखते हुए देशभर के मुसलमानों, खास तौर पर लखनऊ की क़ौम को सतर्क रहने का बड़ा पैग़ाम दिया है। दिल्ली से जारी अपने अहम बयान में उन्होंने कहा कि कुछ शरारती तत्व और विदेशी एजेंट समाज में नफरत फैलाकर शिया-सुन्नी एकता को कमजोर करने की साज़िश में लगे हुए हैं।
मौलाना ने कहा कि लखनऊ सदियों से गंगा-जमुनी तहज़ीब, मोहब्बत और भाईचारे की मिसाल रहा है, लेकिन कुछ ताकतें अफवाहों, भड़काऊ संदेशों और झूठे प्रोपेगेंडा के जरिए इस एकता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने क़ौम से अपील की कि ऐसे तत्वों के बहकावे में न आएं और हर हाल में अमन व भाईचारा कायम रखें। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी अफवाह या उकसावे पर जल्दबाज़ी में प्रतिक्रिया देना दुश्मनों की साज़िश को कामयाब करना होगा। अगर कहीं कोई संदिग्ध गतिविधि, भड़काऊ हरकत या समाज में फूट डालने की कोशिश दिखाई दे तो लोग खुद कार्रवाई करने के बजाय तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दें। मौलाना डॉ. कल्बे जवाद नक़वी ने कहा कि कानून को हाथ में लेना हालात को और बिगाड़ सकता है। इसलिए हर जिम्मेदार नागरिक का फर्ज़ है कि वह अमन बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिया और सुन्नी दोनों समुदाय मिलकर इन साज़िशों को नाकाम करें और यह साबित कर दें कि लखनऊ की सरज़मीन पर मोहब्बत, भाईचारा और एकता को कोई ताकत कमजोर नहीं कर सकती। अंत में उन्होंने कहा कि आज के दौर में सबसे बड़ी जरूरत है—होशियारी, सब्र और आपसी इत्तेहाद।
