“अली ज़ैदी ने फतेहपुर घटना पर जताया आक्रोश, उच्च स्तरीय जांच व सख्त कार्रवाई की मांग”
सौहार्द बिगाड़ने की साज़िश नाकाम, उच्च स्तरीय जांच की मांग
कलम हिन्दुस्तानी : अता अब्बास
फतेहपुर। ऐतिहासिक इमारत मक़बरा नवाब अब्दुस समद ख़ान पर कल उग्र भीड़ द्वारा हमला कर नुकसान पहुँचाने की घटना निंदनीय है, लेकिन उससे भी अधिक अफ़सोसनाक तस्वीर फतेहपुर पुलिस और जिला प्रशासन की है, जो उसकी सुरक्षा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई। हालाँकि बाद में जिम्मेदारों को चिन्हित कर उन पर कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया, परंतु पूरे घटनाक्रम को देखने से साफ़ प्रतीत होता है कि अगर समय रहते पुलिस-प्रशासन ने कार्यवाही की होती तो प्रदेश के आपसी सौहार्द को बिगाड़ने की इस कोशिश को रोका जा सकता था।
वहीं, फतेहपुर की समझदार जनता सराहना की पात्र है, जिन्होंने साम्प्रदायिक माहौल को खराब करने की नियत से रची गई इस साज़िश को विफल किया। ऐन विधानसभा सत्र के पहले दिन यह घटना होना इस बात का संकेत है कि दिन, तारीख और तरीका सब एक सुनियोजित योजना के तहत तय किया गया, जिससे प्रदेश को दंगा-मुक्त रखने वाली योगी सरकार को बदनाम किया जा सके। यूपी शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अली ज़ैदी ने माननीय मुख्यमंत्री से इसकी उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
