शमील शम्सी साहब की सोच को करोड़ो सलाम : अता अब्बास
क़ौम के दो नौजवानों को रोज़गार मुहैया कराया गया
कलम हिन्दुस्तानी : ब्यूरो
अमरोहा। बेहद ख़ुशी का दिन रहा कौम के लिए क्योंकि पहली बार उत्तर प्रदेश शिया वक़्फ़ बोर्ड के अधीन आने वाले औक़ाफ़ इमामबाड़ा सिब्तैनाबाद (हज़रत गंज) के मुतावल्ली भाई शमील शम्सी की तरफ़ से क़ौम के दो नौजवानों को रोज़गार मुहैया कराया गया। अली ज़ैदी चेयरमैन साहब से पहले काफ़ी चेयरमैन और मुतावल्ली आए लेकिन किसी ने कभी क़ौम के बारे में ना सोंचा। यह उन लोगों के मुंह पर ज़ोरदार तमाचा है जो यह कहते थे के शिया वक़्फ़ बोर्ड में सिर्फ़ चेयरमैन का चेहरा बदला है लेकिन काम वही त्यागी वाले हो रहे हैं। ऐसे लोगों की आंखों पर बुग़्ज़ का चश्मा लगा है। इसलिए इनको यह सब अच्छे काम दिखाई नहीं देते हैं।
वैसे इसकी एक वजह भी है, वोह यह के त्यागी वक़्फ़ बोर्ड की लूट में थोड़ा थोड़ा सबको हिस्सा देता था , यही वजह थी के उसकी लूट पर बहुत से मौलवी , बहुत से साहिबे हैसियत लोग अपने मुंह पर अलीगढ़ का ताला लगाए थे , लेकिन जबसे क़ायद-ए-मिल्लत ने वक़्फ़ बोर्ड के इलेक्शन में कामयाबी पाई है। तब से इन लोगों के तिलमिलाहट मची है ! क्युकी इनको अब कुछ मिल नही पा रहा है।
यह उत्तर प्रदेश के शियों की ख़ुशनसीबी है के उनको अली ज़ैदी भाई के रूप में एक चेयरमैन मिला। परवरदिगार सलामत रखे अली ज़ैदी भाई और शमील शमसी भाई को के वोह ऐसे ही क़ौम के लिए अच्छे काम कर सकें।
