योगी सरकार के सहयोग से वक्फ बोर्ड का ऐतिहासिक कार्यकाल : अली जैदी
वक्फ संपत्तियों से आय दोगुनी, बोर्ड ने पेश की उपलब्धियों की रिपोर्ट
भू-माफियाओं पर कार्रवाई, वक्फ संपत्तियों को कराया मुक्त
37 महीने से 4 महीने पर आया बकाया वेतन, कर्मचारियों को बड़ी राहत
योगी सरकार के सहयोग से वक्फ बोर्ड का ऐतिहासिक कार्यकाल : अली जैदी
कलम हिन्दुस्तानी ब्यूरो
लखनऊ। उ०प्र० शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने अपने वर्तमान कार्यकाल को उपलब्धियों भरा बताते हुए कहा है कि संस्था को बेहद खराब आर्थिक स्थिति में मिला था, जहां कर्मचारियों का 37 माह का वेतन बकाया था। बोर्ड के अनुसार अब यह बकाया घटकर केवल 4 माह रह गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह स्थिति इसलिए बनी क्योंकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लगभग 50 लाख रुपये से अधिक का बकाया भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया गया, जबकि बोर्ड में पेंशन की कोई व्यवस्था नहीं है।
बोर्ड ने जानकारी दी कि कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके बकाया वेतन का बड़ा हिस्सा चुका दिया गया है और शेष भुगतान भी चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। कर्मचारियों की कमी को देखते हुए कुछ पूर्व कर्मियों को रिटेनरशिप पर भी रखा गया है।
वित्तीय स्थिति में सुधार का दावा करते हुए बताया गया कि वर्ष 2021-2026 के दौरान बोर्ड की कुल आय 6.02 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले बोर्ड के कार्यकाल (2016-2021) में यह 3.94 करोड़ रुपये थी। इसके साथ ही, एक लाख रुपये से अधिक आय वाले वक्फ की संख्या 38 से बढ़कर 81 हो गई है।
बोर्ड ने पहली बार पैन कार्ड बनवाने, जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदारी और ई-ऑफिस सिस्टम लागू करने को पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बताया। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का 100 प्रतिशत निस्तारण करने का भी दावा किया गया है।
वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण के तहत कुल 7785 पंजीकृत अवकाफ में से 7647 को ‘उम्मीद पोर्टल’ पर अपलोड किया जा चुका है, जिनमें हजारों का सत्यापन और अनुमोदन भी हो चुका है। बोर्ड ने यह भी बताया कि प्रमुख दरगाहों की बैलेंस शीट में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही, अवैध कब्जों और माफिया प्रवृत्ति के मुतवल्लियों के खिलाफ कार्रवाई कर संपत्तियों को मुक्त कराया गया है।
अंत में उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अली ज़ैदी ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहयोग को इस उपलब्धि का श्रेय देते हुए अपने कार्यकाल को “रिकॉर्ड और पारदर्शी” बताया है।

