बरेली के ऐतिहासिक इमामबाड़ा किला को तोड़ने पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

बरेली। उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इमामबाड़ा क़िला, बरेली को ध्वस्त करने की साजिश पर माननीय उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने रोक लगा दी है। यह फैसला बोर्ड द्वारा दायर याचिका के बाद आया, जिसमें ऐतिहासिक धरोहर को बचाने की अपील की गई थी।

     बताया जा रहा है कि कुछ भू-माफिया लंबे समय से इमामबाड़े को गिराकर वहां मल्टी-स्टोरी कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना बना रहे थे। इस अवैध प्रयास के खिलाफ उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

        वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन अली ज़ैदी ने इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए सतत प्रयास किए। उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि भू-माफियाओं को बड़ी हार का सामना करना पड़ा और अदालत ने इमामबाड़े को किसी भी प्रकार से क्षति पहुंचाने पर सख्त रोक लगा दी। इमामबाड़ा क़िला, बरेली का एक प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल है, जिसका ऐतिहासिक महत्व काफी गहरा है। इसे न सिर्फ शिया समुदाय बल्कि संपूर्ण समाज की धरोहर माना जाता है। इसे तोड़ने की साजिश का स्थानीय लोगों और धार्मिक संगठनों ने भी पुरजोर विरोध किया था।

       इस फैसले के बाद अब वक़्फ़ बोर्ड और स्थानीय प्रशासन इमामबाड़े की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे की रणनीति तैयार करेंगे। चेयरमैन अली ज़ैदी ने कहा कि बोर्ड ऐतिहासिक स्थलों की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहेगा और किसी भी अवैध गतिविधि को सफल नहीं होने देगा।

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